
सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र के आधार पर बीएमसी में 30 साल तक जूनियर सिविल इंजीनियर रहे शिरीष पी पाटिल को पेंशन की राहत दी है।
इंजीनियर ने करीब एक दशक तक अपनी पात्रता की जांच को टालने की कोशिश की थी, लेकिन कोर्ट ने लंबी सेवा के आधार पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाया।
यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के बावजूद अपनी पूरी सेवा अवधि पूरी कर ली है।