अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी ने बताया कि 2002 में प्रोडक्शन कंपनी के दिवालिया होने और 1 करोड़ रुपये के कर्ज के कारण उन्हें मजबूरी में सी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि उस समय रिकवरी एजेंटों की धमकियों और बच्चों की पढ़ाई के खर्च के कारण उन्हें अपनी पसंद से समझौता करना पड़ा था।
सुष्मिता ने स्पष्ट किया कि अब उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर है और वह केवल अपनी पसंद के प्रोजेक्ट्स ही चुनती हैं, जो उन्हें रचनात्मक संतुष्टि देते हैं।