स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए रैपिड टेस्ट के बजाय एलाइजा टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है ताकि सटीक पुष्टि हो सके।
पॉजिटिविटी दर में वृद्धि के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिससे मरीजों के इलाज में देरी न हो और सही उपचार मिल सके।
अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट तुरंत स्वास्थ्य विभाग को भेजें ताकि हॉट स्पॉट की पहचान की जा सके।