पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को स्थानीय नियंत्रण से हटाकर इस्लामाबाद के अधीन करने की योजना बना रही है, जिसका स्थानीय स्तर पर भारी विरोध शुरू हो गया है।
जमात-ए-इस्लामी बलूचिस्तान के प्रमुख मौलाना हिदयातुर रहमान ने चेतावनी दी है कि यदि सेना ने जबरन नियंत्रण लागू किया तो स्थानीय लोग और राजनीतिक ताकतें इसका कड़ा विरोध करेंगी।
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत बन रहे इस पोर्ट से होने वाली 91 फीसदी आय चीन के पास जाएगी, जबकि पाकिस्तान को केवल 9 फीसदी हिस्सा ही मिलेगा।