
तेज रोशनी में आंखों का सिकुड़ना शरीर की एक नेचुरल प्रोटेक्टिव प्रतिक्रिया है, जिससे पुतली छोटी होकर रेटिना तक पहुंचने वाली रोशनी को नियंत्रित करती है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरेंद्र भसीन के अनुसार, पलकें सिकोड़ने से 'पिनहोल प्रभाव' बनता है, जो फोकस बेहतर करता है और तेज चमक (ग्लेयर) को कम करता है।
यदि रोशनी के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया) के साथ दर्द, रेडनेस या धुंधलापन जैसे लक्षण अचानक बढ़ें, तो यह माइग्रेन या इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।