
अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि जॉर्डन में जुलाई में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हुए मिसाइल हमले के पीछे चीन का समर्थन था।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी संस्थाओं द्वारा ईरान को उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली सैटेलाइट तस्वीरें मुहैया कराई गई थीं जिनकी मदद से यह हमला हुआ।
इस घातक हमले में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और चार अन्य घायल हो गए थे।