सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत बहुविवाह की प्रथा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से औपचारिक जवाब तलब किया है।
महिला अधिकार कार्यकर्ता जाकिया सोमन द्वारा दायर याचिका में बहुविवाह को अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन बताते हुए इसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 82 के तहत अवैध घोषित करने की मांग की गई है।
अदालत ने मामले को सुनवाई योग्य माना है और अगली सुनवाई में केंद्र का पक्ष आने के बाद इसे संविधान पीठ के पास भेजने पर विचार किया जा सकता है।