अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत में मध्यस्थों की सूची से पाकिस्तान को बाहर कर दिया है, जिससे शहबाज शरीफ सरकार को बड़ा झटका लगा है।
ट्रंप ने सऊदी अरब, यूएई और कतर को आधिकारिक मध्यस्थ बताया है, जबकि पाकिस्तान को ईरान का पक्ष लेने के कारण विश्वसनीयता के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
जून में हुए 'इस्लामाबाद MoU' के बाद पाकिस्तान ने खुद को शांति समझौते का सूत्रधार बताया था, लेकिन अब ट्रंप प्रशासन ने अरब देशों को अधिक प्रभाव वाला माना है।