रेड सी और गल्फ ऑफ ओमान में जहाजों पर हुए हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर और WTI 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।
EIA ने 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत का अनुमान 81.91 डॉलर से बढ़ाकर 86.81 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता है।
भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा तेल आयात करता है, इसलिए कीमतों में इस उछाल से आयात बिल, करंट अकाउंट डेफिसिट और घरेलू महंगाई बढ़ने का खतरा है।