
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पात्र संस्थानों को ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग के जरिए एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी है।
चार वर्षीय ऑनर्स स्नातक डिग्री पूरी कर चुके छात्र अब इन एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे, बशर्ते संस्थान के पास दो वर्षीय पीजी कोर्स चलाने की पूर्व अनुमति हो।
संस्थानों को इस कार्यक्रम को शुरू करने के लिए अपने शैक्षणिक निकायों जैसे अध्ययन बोर्ड और अकादमिक परिषद से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा और यूजीसी के क्रेडिट फ्रेमवर्क का पालन करना होगा।