
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और यमुना नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ आ गई है।
वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से 1.24 मीटर नीचे है और सभी 84 घाट डूब चुके हैं, जबकि प्रयागराज में प्रशासन ने 180 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है।
गाजीपुर में बाढ़ के कारण 230 बीघा फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है।