
जीएमसी जम्मू के एआरटी सेंटर के अध्ययन में पाया गया कि एचआईवी संक्रमित 3,000 मरीजों में से सात फीसदी लोग टीबी जैसे अवसरवादी संक्रमणों से ग्रसित हैं।
कुल 210 संक्रमणों में से 103 मामले टीबी के थे, जिनमें 59 मरीज फेफड़ों की टीबी और 44 मरीज शरीर के अन्य अंगों की टीबी से पीड़ित पाए गए।
अध्ययन में फंगल संक्रमण के 52 और डायरिया के 24 मामले सामने आए, जिसके बाद शोधकर्ताओं ने मरीजों की नियमित जांच और समय पर इलाज पर जोर दिया है।