ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार इस बार सप्तमी तिथि दो दिन रहने के कारण शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
पंचांग के अनुसार 18 अक्टूबर को अष्टमी व्रत रखना उत्तम माना गया है, क्योंकि सप्तमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे तक विद्यमान रहेगी।
नवमी तिथि का व्रत 19 अक्टूबर को मान्य रहेगा और इस दिन सुबह 10:27 से 11:15 बजे तक संधि पूजा का समय रहेगा।