
रेबीज वायरस नसों के जरिए दिमाग तक पहुंचकर गंभीर सूजन पैदा करता है, जिससे एक बार लक्षण दिखने पर इसका इलाज लगभग असंभव और जानलेवा होता है।
मस्तिष्क की सुरक्षा करने वाली परत 'ब्लड-ब्रेन बैरियर' दवाओं के प्रवेश को कठिन बना देती है, जिससे संक्रमण को रोकना एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती है।
जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को 15 मिनट तक साबुन-पानी से धोकर तुरंत टीका लगवाना ही रेबीज से बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।