
पटाखों के धुएं में मौजूद बारीक कण और हानिकारक गैसें फेफड़ों और दिल को प्रभावित करती हैं, जिससे अस्थमा और फेफड़ों के मरीजों को खतरा है.
गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, दिल के मरीजों और बुजुर्गों को भी पटाखों के धुएं से खास सावधानी बरतनी चाहिए.
धुएं से बचने के लिए घर की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें, एयर प्यूरीफायर चलाएं और बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें.