इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य के सभी निजी स्कूलों में आरटीई के तहत हुए दाखिलों का जिलावार ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने पिछले पांच शैक्षणिक सत्रों में आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले छात्रों और दाखिला न मिलने वाले बच्चों की संख्या की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट ने यह आदेश सेंट जॉन्स स्कूल बभनौटी की याचिका पर दिया है, जिसमें निजी स्कूलों द्वारा आरटीई नियमों के पालन में आनाकानी और कैपिटेशन फीस वसूलने की शिकायतें शामिल हैं।