सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के बिना निर्वाचित हुए मंत्री पद पर बने रहने के मामले में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
याचिका के अनुसार, नीतीश कुमार के 15 अप्रैल, 2026 को पद छोड़ने तक प्रकाश ने 4 महीने और 26 दिन कार्य किया, फिर 7 मई को नई सरकार में पुनः शपथ ली।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 164(4) के उल्लंघन की जांच के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है, जो लोकतांत्रिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल उठाती है।