
अमेरिकी प्रतिबंधों और रिफाइनरियों के क्षतिग्रस्त होने के कारण ईरान के पास अब केवल दो महीने का ईंधन रिजर्व बचा है, जिससे देश गंभीर संकट में है।
ईरान में महंगाई दर 69.9% तक पहुंच गई है और रियाल की कीमत गिरकर प्रति डॉलर 22 लाख हो गई है, जबकि बेरोजगारी दर 9.1% दर्ज की गई है।
संयुक्त अरब अमीरात ने 19 अगस्त को ईरान के साथ सभी वित्तीय लेनदेन स्थगित कर दिए हैं, जिससे तेहरान के पास अब अमेरिका के साथ बातचीत के अलावा सीमित विकल्प बचे हैं।