पाकिस्तान ने 7 अगस्त को सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत एक देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।
चीन इस गठबंधन में टेक्नोलॉजी, पूंजी और सैन्य सहयोग के जरिए अपनी भूमिका बढ़ा रहा है, जिससे दक्षिण एशिया और अरब दुनिया में सुरक्षा समीकरण बदल रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 60 घंटों के भीतर चीन और तुर्की की कई सैन्य उड़ानें पाकिस्तान में उतरीं, जिनमें बड़े पैमाने पर डिफेंस इक्विपमेंट होने का दावा किया गया है।