
सीके बिड़ला अस्पताल के न्यूरोलॉजी निदेशक डॉ. केके जिंदल के अनुसार अच्छी नींद के लिए शरीर की आंतरिक घड़ी और सही आदतों का होना जरूरी है।
सोने से पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से निकलने वाली तेज रोशनी नींद को नियंत्रित करने वाले मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है।
कैफीन का सेवन, बिस्तर पर काम के बारे में सोचते रहना और अनियमित स्लीप रूटीन भी रात में गहरी नींद में बाधा डालते हैं।