
स्पेसएक्स का 4,000 किलो वजनी रॉकेट का टुकड़ा 8,690 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चांद की सतह से टकरा गया, जिससे 20 से 30 मीटर गहरा गड्ढा बन गया है।
यह घटना भारतीय समयानुसार दोपहर 12:05 बजे हुई, जिसमें रॉकेट का कचरा पिछले 18 महीनों से अंतरिक्ष में अनियंत्रित रूप से घूम रहा था और अंततः चांद की ग्रैविटी में खिंचा चला गया।
वैज्ञानिकों के अनुसार इस टक्कर से 3,000 किलो बम के बराबर धमाका हुआ, जिससे चांद की धूल कई किलोमीटर ऊपर तक उड़ गई, जो अब चांद की सतह के अध्ययन का जरिया बनी है।