सरकार एलआईसी में 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद अब हिंदुस्तान कॉपर, हिंदुस्तान जिंक, मझगांव डॉक और आईआरटीसी में हिस्सेदारी घटाने की तैयारी कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार हिंदुस्तान जिंक में 1.5 प्रतिशत और हिंदुस्तान कॉपर में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है, हालांकि वित्त मंत्रालय ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने अब तक डिसइनवेस्टमेंट और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए कुल 61,638.61 करोड़ रुपये जुटाए हैं।