
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जुलाई के बीच 43,927 बच्चों में से 16,000 से अधिक बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण चक्र अधूरा रह गया है।
देहात क्षेत्रों में 12,002 और शहरी क्षेत्रों में 4,731 बच्चों को सभी टीके नहीं लग सके हैं, जिससे हेपेटाइटिस और टीबी जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
विभाग अब आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए छूटे हुए बच्चों को चिह्नित कर उन्हें वैक्सीन की पूरी खुराक देने का विशेष अभियान चला रहा है।