
बैंकिंग सिस्टम में सितंबर की शुरुआत में लिक्विडिटी 10.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने के बाद आरबीआई ने 1 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड बेचने का फैसला किया है.
यह बिक्री सितंबर महीने में तीन चरणों (17, 21 और 28 सितंबर) में पूरी की जाएगी जिससे बाजार से अतिरिक्त नकदी को कम किया जा सके.
प्रणाली में नकदी कम होने से बैंकों की लागत बढ़ेगी जिससे भविष्य में होम लोन की ईएमआई महंगी होने और फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना है.