
ओडिशा में लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से छपी कक्षा 1 से 8 तक की स्कूली किताबों में कुल 1,741 गलतियां पाई गई हैं.
राज्य के स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने विधानसभा में बताया कि इन त्रुटियों में अधिकांश व्याकरण, टाइपिंग और वर्तनी से जुड़ी हैं.
मामले की जांच में खुलासा हुआ कि फाइनल प्रूफ की जांच के लिए विशेषज्ञों को सिर्फ एक दिन मिला था, जिसके बाद सरकार ने तत्कालीन निदेशक समेत अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया।