वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिकी सेना ने अपने बेड़े के लगभग एक चौथाई यानी 45 MQ-9 रीपर ड्रोन खो दिए हैं।
इन खोए हुए ड्रोन की कुल कीमत 1.3 अरब डॉलर से अधिक आंकी गई है, जिसमें प्रत्येक एयरक्राफ्ट की लागत 3 करोड़ से 5 करोड़ डॉलर के बीच है।
युद्ध के भारी खर्च और हथियारों की कमी को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने सैन्य भंडार को फिर से भरने के लिए 67 अरब डॉलर के अतिरिक्त पैकेज की मांग की है।