
अस्पतालों में मेडिकल डिवाइस की खरीद कीमत और मरीजों से वसूली जाने वाली भारी रकम के बीच अंतर को लेकर ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन पर चर्चा शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र एफडीए की जांच के दौरान कुछ मेडिकल उपकरणों पर 150 प्रतिशत से लेकर 2,841 प्रतिशत तक का मुनाफा कमाए जाने का खुलासा हुआ है।
अस्पतालों का कहना है कि मेडिकल सामान की कीमत और मरीज से ली गई रकम का अंतर केवल उनका मुनाफा नहीं है, बल्कि उन्हें अन्य प्रशासनिक और रख-रखाव के खर्च भी उठाने होते हैं।