बॉम्बे हाईकोर्ट ने मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को राजेश खन्ना के पूर्व बंगले 'आशीर्वाद' को 'शापित' या 'भूतिया' बताने वाली सामग्री प्रकाशित करने से रोक दिया है।
जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर ने इसे मानहानिकारक करार देते हुए कहा कि यह मालिक के शांतिपूर्ण जीवन जीने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
यह अंतरिम आदेश बंगले के वर्तमान मालिक शशि शेट्टी की याचिका पर आया है और यह रोक 21 अगस्त, 2026 तक प्रभावी रहेगी।