हिंदू धर्म में रुई की बाती का उपयोग रोजमर्रा की पूजा और शांति के लिए किया जाता है, जबकि कलावे की बाती विशेष मनोकामनाओं के लिए जलाई जाती है।
मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा में कलावे की बाती का प्रयोग शुभ माना जाता है, जो भय और बाधाओं को दूर करने में सहायक है।
शुक्रवार या दीपावली पर माता लक्ष्मी के सामने कलावे की बाती जलाने से सुख-समृद्धि की मान्यता है, जबकि राहु-केतु के प्रभाव को शांत करने के लिए भी इसका उपयोग होता है।