
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी कंपनी पर आपराधिक मुकदमा सिर्फ इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि किसी विशिष्ट व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया गया है।
यह फैसला सैनोफी इंडिया की अपील को खारिज करते हुए दिया गया, जिससे कॉरपोरेट अपराधों में कंपनियों की सीधी जवाबदेही तय करने का नया ढांचा तैयार हुआ है।
न्यायालय ने कहा कि कॉरपोरेट जगत में आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए किसी निदेशक या कर्मचारी का नामजद होना अनिवार्य नहीं है, जिससे जांच एजेंसियों को बड़ी राहत मिली है।