
कर्नाटक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ड्यूटी के कारण पिछले तीन महीने से नियमित कक्षाएं नहीं हो सकीं.
तीस सितंबर को समाप्त हुई SA-1 मिड टर्म परीक्षा के दौरान छात्रों को बिना पढ़ाए गए सिलेबस से सवाल मिलने पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
छात्रों और अभिभावकों ने मांग की है कि शिक्षकों के वापस लौटने पर दिसंबर में दोबारा असेसमेंट कराया जाए और उन अंकों को भी रिजल्ट में जोड़ा जाए.