वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और इसके लिए देश में बड़े आर्थिक सुधारों की आवश्यकता है।
सरकार ने 2030 तक सरकारी उधारी को जीडीपी के 50% के स्तर तक लाने का लक्ष्य रखा है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय अनुशासन के लक्ष्यों को पूरा कर लिया गया है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने खाद और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की है और आयात में बाधाओं को रोकने के लिए बजट में विशेष फंड का प्रावधान किया गया है।