
शौर्य चक्र विजेता मोहन सिंह की विधवा को 26 साल के लंबे कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से विशेष पारिवारिक पेंशन पाने का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की लापरवाही को स्वीकार करते हुए विधवा को बकाया राशि के साथ कुल 10 लाख रुपये का भुगतान करने का कड़ा आदेश दिया है।
यह फैसला दशकों से लंबित उस पेंशन मामले में आया है, जिसमें सरकारी उदासीनता के कारण एक शहीद के परिवार को अपने हक के लिए ढाई दशक से अधिक का इंतजार करना पड़ा।