यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जुबैल स्थित बेरी गैस प्लांट और जाज़ान रिफाइनरी पर ड्रोन और मिसाइल से भीषण हमले किए हैं।
जुबैल प्लांट दुनिया की पेट्रोकेमिकल सप्लाई का 6-8% हिस्सा संभालता है और नासा के सैटेलाइट डेटा में वहां 125 MW की फायर रेडिएटिव पावर दर्ज की गई है।
यह हमला सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच 'मक्का समझौते' नामक रक्षा संधि पर हस्ताक्षर के महज दो दिन बाद हुआ है।