
रूस के साइबेरिया स्थित इरकुत्स्क एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में टेस्ट ट्यूब टूटने के बाद संदिग्ध संक्रमण से 28 वर्षीय महिला वैज्ञानिक की मौत हो गई।
इस घटना के बाद रूसी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 197 लोगों को आइसोलेशन में भेज दिया है और पांच अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह न्यूमोनिक प्लेग हो सकता है, जो कोरोना की तरह हवा में ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलने वाला सबसे घातक रूप है।