बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा को लेकर भाजपा और जदयू के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
जीतन राम मांझी ने कानून की समीक्षा की मांग की है, जबकि जदयू ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।