
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि 10वीं और 12वीं की मार्कशीट के लिए छात्रों के नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारी 100% सही होनी चाहिए।
बोर्ड के अनुसार रजिस्ट्रेशन से लेकर एडमिट कार्ड और रिजल्ट जारी होने से पहले तक छात्रों और स्कूलों को डेमोग्राफिक डिटेल्स जांचने के करीब 20 मौके मिलते हैं।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि पिछले स्कूलों के प्रमाणित दस्तावेजों के अभाव में आने वाले अधूरे करेक्शन अनुरोधों को सीधे खारिज कर दिया जाएगा।