केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि SC/ST आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' लागू नहीं किया जा सकता क्योंकि यह आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सामाजिक भेदभाव पर आधारित है।
यह मामला रमाशंकर प्रजापति और अश्विनी उपाध्याय की याचिकाओं से जुड़ा है, जिसमें तर्क दिया गया था कि समृद्ध हो चुके SC/ST तबके को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए।
सरकार ने कोर्ट को बताया कि SC/ST सूची में बदलाव का अधिकार केवल संसद के पास है और न्यायिक आदेश के जरिए आरक्षण की संवैधानिक संरचना को बदलना संभव नहीं है।