
भोपाल स्मारक अस्पताल में दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई, जिसमें 75 शोधार्थी प्रतिरक्षा तंत्र और बीमारी के बीच संबंधों पर मंथन कर रहे हैं।
एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. नरेंद्र कोतवाल ने बताया कि पिछले 50 वर्षों में टीकों के विकास से हर मिनट लगभग छह लोगों की जान बचाई जा रही है।
संस्थान मरीजों के आंकड़ों को ई-सुश्रुत सॉफ्टवेयर से जोड़ रहा है और गैस पीड़ितों को आठ सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से निशुल्क उपचार प्रदान कर रहा है।