चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में दिल्ली से 47 लाख और महाराष्ट्र से 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
नाम कटने की प्रक्रिया के बाद अब प्रभावित नागरिक 30 सितंबर तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जिसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
विपक्ष ने इस बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने इसे नियमित डेटा शुद्धिकरण का हिस्सा बताया है।