
इंसानी आंख को 576 मेगापिक्सल का मानना केवल एक अनुमान है, क्योंकि आंख का काम करने का तरीका डिजिटल कैमरे से पूरी तरह अलग है।
आंख के रेटिना में 12 करोड़ रोड सेल्स और 60 लाख कोन सेल्स होते हैं, जो रोशनी, रंग और गति को प्रोसेस करके दिमाग तक सिग्नल भेजते हैं।
इंसान की आंख केवल 380 से 700 नैनोमीटर की दृश्य प्रकाश रेंज ही देख सकती है, जबकि अल्ट्रावॉयलेट और इन्फ्रारेड किरणें सामान्य दृष्टि से बाहर हैं।