
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के विवाद पर बयान जारी कर टाटा ट्रस्ट का समर्थन किया है और बातचीत से मामला सुलझाने की अपील की है।
पवार ने कहा कि टाटा ग्रुप का मालिकाना हक किसी एक व्यक्ति के पास नहीं होना चाहिए और स्थापित गवर्नेंस फ्रेमवर्क के तहत टाटा ट्रस्ट के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सर रतन टाटा और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है जो परोपकार के उद्देश्यों के लिए है।