
बसपा में आकाश आनंद की वापसी के लिए मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास की शर्त रखी है, जो पार्टी के भीतर चल रही कलह को दर्शाता है।
आकाश आनंद के निष्कासन के बाद उनके छोटे भाई ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाकर पार्टी ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है।
पार्टी के भीतर नितिन सिंह जैसे नेताओं की वापसी हुई है, जिन्हें अब नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है, लेकिन वे आगामी यूपी चुनाव से दूर रहेंगे।