
हालिया वैज्ञानिक शोध में यह पता चला है कि सभी धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों का कैंसर क्यों नहीं होता, इसके पीछे आनुवंशिक कारण जिम्मेदार हैं।
अध्ययन के अनुसार, कुछ लोगों के शरीर में डीएनए मरम्मत की क्षमता अधिक होती है, जो तंबाकू के हानिकारक प्रभावों को बेअसर कर देती है।
यह खोज कैंसर के जोखिम को समझने और भविष्य में व्यक्तिगत उपचार विकसित करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।