
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 40 प्रतिशत कोयला आधारित पावर प्लांट गंभीर फ्यूल संकट से जूझ रहे हैं.
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के 19 सितंबर के डेटा के मुताबिक ऐसे पावर प्लांट्स की संख्या तेजी से बढ़कर 74 हो गई है.
अल नीनो और हीट वेव के कारण मौसम गर्म रहने से पीक पावर डिमांड बढ़कर 230 से 250 गीगावाट के बीच पहुंच गई है.