भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया, जबकि आंदोलन से अनजान लोगों को आमंत्रित किया गया था।
सिंह ने स्पष्ट किया कि वे आखिरी बार 7 दिसंबर 1992 को राम मंदिर गए थे और अब वे केवल हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन करने जाते हैं।
उन्होंने संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को 'ड्रामा' करार देते हुए दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला आगामी यूपी चुनाव में मुद्दा नहीं बनेगा।