सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को अत्यंत निराशाजनक और चिंताजनक बताया है।
जस्टिस भुइयां ने कहा कि पुलिस को निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और छात्रों के खिलाफ दंडात्मक रवैया अपनाने के बजाय कानून व्यवस्था का पालन करना चाहिए।
कोर्ट ने संज्ञान लिया है कि मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि सरकारी अधिकारियों द्वारा कानून तोड़ना अराजकता को बढ़ावा देता है।