
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार कई फ्री वीपीएन ऐप्स यूजर्स की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखते हैं और इस डेटा को थर्ड-पार्टी ब्रोकर्स को बेच देते हैं।
वैश्विक रिसर्च से यह भी खुलासा हुआ है कि लगभग 35 से 40 प्रतिशत फ्री वीपीएन ऐप्स में हिडन ट्रैकर्स, एडवेयर और स्पाईवेयर कोड छिपे होते हैं जो फोन की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अनजान डेवलपर्स के वीपीएन का उपयोग करने से बचें और हमेशा ओपन-सोर्स तथा भरोसेमंद विकल्पों का ही चयन करें।