
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की हालिया जांच में प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों से इलाज के दौरान भारी मुनाफा वसूलने का मामला सामने आया है।
सर्वे के दौरान अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले सीरिंज, सुई और आईवी सेट की खरीद कीमत और उन पर छपी एमआरपी के बीच 2,841 प्रतिशत तक का भारी अंतर पाया गया।
उदाहरण के तौर पर करीब 11 रुपये में खरीदे जाने वाले आईवी इंफ्यूजन सेट पर 325 रुपये तक की एमआरपी छपी हुई मिली है।