
चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 5 साल पुराने UPI फ्रॉड मामले में बैंक को ग्राहक को 1.5 लाख रुपये से अधिक लौटाने का आदेश दिया है।
आयोग ने एसबीआई को 99,940 रुपये की अनधिकृत कटौती की पूरी रकम 9% वार्षिक ब्याज और मुआवजे के साथ भुगतान करने को कहा है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक 2021 में डिलीवरी एजेंट द्वारा बैंक डिटेल्स मांगने के बाद ओटीपी शेयर किए बिना ही उनके खाते से पैसे कट गए थे।